ना फिल्टर, ना डर: ट्रोलिंग के दौर में भी अपनी जिंदगी शेयर करने से क्यों नहीं झिझक रही Gen Z?



एक दौर था जब भारतीय परिवारों में अपनी निजी जिंदगी, पहचान या विचारों को सार्वजनिक करना झिझक का विषय माना जाता था. “लोग क्या कहेंगे?” एक ऐसा वाक्य था जो पूरी पीढ़ी की जुबान पर ताला लगा देता था. लेकिन आज, भारत के 38 करोड़ Gen Z के लिए यह दीवार पूरी तरह ढह चुकी है. अपनी पहचान के सबसे निजी पलों से लेकर सामाजिक और राजनीतिक विचारों तक, यह पीढ़ी इंटरनेट पर सब कुछ साझा कर रही है. और यह सब तब हो रहा है जब ऑनलाइन ट्रोलिंग, डॉक्सिंग और डिजिटल निगरानी का खतरा इतिहास में सबसे ज्यादा है. तो आखिर यह बेफिक्री कहां से आती है?
#GenZAsia

There was a time when sharing one’s personal life, identity, or opinions publicly in Indian families was considered a matter of hesitation. “What will people say?” was a phrase that silenced an entire generation. But today, for India’s 380 million Gen Zs, this wall has completely collapsed. From the most private moments of their identity to social and political views—this generation is sharing everything on the internet. And all of this is happening at a time when the threats of online trolling, doxxing, and digital surveillance are higher than ever in history. So where does this carelessness ultimately come from?

source

22 Comments

  1. नाकारो पर भेदभाव ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

    नाकारो पर भेदभाव ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

    नाकारो पर भेदभाव ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

    नाकारो पर भेदभाव ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

  2. नाकारो पर दुराचार ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

    नाकारो पर दुराचार ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

    नाकारो पर दुराचार ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

    नाकारो पर दुराचार ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

  3. नाकारो पर अन्याय ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

    नाकारो पर अन्याय ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

    नाकारो पर अन्याय ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

    नाकारो पर अन्याय ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

  4. नाकारो पर अत्याचार ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

    नाकारो पर अत्याचार ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

    नाकारो पर अत्याचार ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

    नाकारो पर अत्याचार ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

  5. नाकारो पर अत्याचार ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

    नाकारो पर अत्याचार ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

    नाकारो पर अत्याचार ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

    नाकारो पर अत्याचार ही होता है आरक्षण भीख खैरात नीलावाद हटाओ

  6. लोग क्या कहेंगे ये वाक्य डराने के लिये इस्तमाल किया जाता था. अब invaluable है.

  7. लोग क्या कहेंगे अब ये मायने नहीं रखता 😊 हम क्या कर रहे है ये मायने रखता है और वैसे भी लोगों का काम है कहना।😂

  8. तमाम युवा अपने बड़ों के परिश्रम से कमाये धन और देश के संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
    दस वर्ष पहले समाज इस तरह के युवाओं को सड़क छाप कहता था।
    हलांकि यह दस प्रतिशत से अधिक नही हैं।

  9. SOCIAL MEDIA NE CHOTE SE CHOTE "HUNAR"WALE KO BHI
    KAMAI KA ACCHA SADHAN DIYA HAI ..KUCH LOG TO ANAP-SNAP VIDEO BANA KR BHI ACCHE KHASE PAISE KAMA RAHE HAI ..
    BAKI DUNIYA TO DOHRI MANSIKTA WALE HAI ..
    JISKO JO PASAND AA JATA HAI USKI TAREEF KR DETA HAI AUR JO VIDEO USE PASAND NAHI AATI USKO TROLE KR DETA HAI ..BAT SIRF PASAND -NA PASAND KI HAI ..KISI KI VIDEO KI TROLLING KI TO ALAG BAT HAI
    JO LOG VIDEO PR COMMENT KARTE HAI ..TROLLING KA SAHMANA TO UNKO BHI KARNA PADTA ..JABKI COMMENT'S KE PAISE BHI NAHI MILTE 😂😂😂😂

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You might like

© 2026 Cantinho do Vídeo - WordPress Video Theme by WPEnjoy